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सिंगरौली: पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी पड़ी भारी त्रिमुला इंडस्ट्रीज की उत्पादन प्रक्रिया बंद करने का आदेश ।

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सिंगरौली: पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी पड़ी भारी त्रिमुला इंडस्ट्रीज की उत्पादन प्रक्रिया बंद करने का आदेश ।

 

कलेक्टर की अनुशंसा पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बड़ी कार्यवाही

 

(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला)

सिंगरौली:  देवसर तहसील अंतर्गत ग्राम गोंदवाली स्थित मेसर्स त्रिमुला इण्डस्ट्रीज लिमिटेड (स्पंज आयरन इकाई) द्वारा पर्यावरणीय मानकों के निरंतर उल्लंघन एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के अनुपालन में गंभीर कमियां पाए जाने पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही उद्योग का विद्युत प्रदाय तत्काल विच्छेदित किए जाने के आदेश भी संबंधित विद्युत वितरण कंपनी को दिए गए हैं। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31(क) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त आदेश जारी किया गया है।

 

*यह कार्यवाही जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सिंगरौली गौरव बैनल*    

 

द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं उद्योग के विरुद्ध उपलब्ध निरीक्षण प्रतिवेदनों के परीक्षण उपरांत की गई है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड द्वारा उद्योग को दिनांक 15 जून 2026 को आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया था। उद्योग प्रबंधन द्वारा अनुपालन किए जाने का दावा प्रस्तुत किए जाने के उपरांत क्षेत्रीय अधिकारी, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंगरौली द्वारा दिनांक 9 जुलाई 2026 को स्थल निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया गया। निरीक्षण में उद्योग द्वारा प्रस्तुत अनुपालन दावा तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया तथा विभिन्न पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन यथावत पाया गया। निरीक्षण के दौरान स्थापित इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रीसिपिटेटर (ESP) एवं एयर कंप्रेसर का समुचित संचालन नहीं पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप चिमनी से अत्यधिक धूलयुक्त उत्सर्जन हो रहा था। साथ ही ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) का डेटा असामान्य रूप से स्थिर पाया गया, जिससे प्रणाली की विश्वसनीयता एवं वास्तविक समय की निगरानी पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न हुए। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि परिसर में स्थापित परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन में PM-10 एवं PM-2.5 का स्तर निर्धारित मानकों से अधिक दर्ज किया गया। पावर प्लांट के समीप स्थापित वायु गुणवत्ता विश्लेषक (Analyzer) संचालनरत नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त उद्योग परिसर में पर्यावरण प्रबंधन हेतु आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे, तकनीकी कर्मियों द्वारा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का उपयोग नहीं किया जा रहा था, फाइन आयरन डस्ट का खुले में भंडारण किया गया था, जिससे वर्षा जल के साथ इसके बहाव के प्रमाण मिले। साथ ही ठोस अपशिष्ट एवं खतरनाक अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित प्रबंधन भी निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया गया। उक्त तथ्यों के आधार पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बंद रखने तथा विद्युत आपूर्ति विच्छेदित करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि उद्योग को उत्पादन पुनः प्रारंभ करने की अनुमति तभी प्रदान की जाएगी, जब निरीक्षण में चिन्हित सभी कमियों का पूर्ण निराकरण कर पर्यावरणीय मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का संतोषजनक अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

 

*कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी गौरव बैनल ने कहा कि जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है।*

 

पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के विरुद्ध विधि सम्मत एवं प्रभावी कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आदेशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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